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वंशवाद

Submitted by Sukant Kumar on
फिर देखेंगे हम सब, एक नयी पीढ़ी, इस दुनिया को कैसे, खूबसूरत बनाती है॥

गलती

Submitted by Sukant Kumar on
यह घटना बहुत पुरानी है। मुश्किल से मैं तीसरी या चौथी कक्षा में पहुँचा था, उम्र ८-१० साल की रही होगी। स्कूल में छुट्टी गर्मी की छुट्टियाँ चल रही थी। घर पर माँ नहीं थी। पिताजी मुझे पढ़ा रहे थे। अचानक उन्हें कुछ काम याद आया। उन्होंने कहा - “तुम पढ़ो, मैं थोड़ी देर में आता हूँ।”

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